सौरविज्ञान के द्वारा पूर्वानुमान

Category: Weather Published: Wednesday, 12 September 2018 Written by Dr S N Vajpayee
 
      आकाशीय परिस्थितियों में अचानक परिवर्तन आने के कारण सूर्य और चंद्र की आकृति वर्ण आदि बिगड़ने लगे हैं दक्षिण भारतीय आकाश विकृत होने लगा है !इस प्रकार की परिस्थितियाँ अचानक अप्रत्याशित रूप से बदलने के कारण दक्षिण भारत एकबार फिर अप्रत्याशित आपदा की ओर बढ़ता जा रहा है !दक्षिण भारत की ओर पड़ने वाली सूर्यकिरणों की नीलिमा दक्षिण भारतीय पर्यावरण को विषैला बनाती जा रही है!संभव ये भी है कि सूर्य की इन क्रोधी किरणों का कोपभाजन केरल ही हो क्योंकि अक्षांश देशांतरीय इशारा केरल की ओर ही है !इन बिषैली किरणों का सबसे अधिक दुष्प्रभाव 14 सितंबर 2018 प्रातः काल 3  बजकर 56 मिनट से लेकर 15 सितंबर 2018 प्रातः 5 बजकर 48 मिनट के बीच होगा !यदि ये समय किसी प्रकार से टल जाए तो इस प्राकृतिक आपदा से बचा जा सकता है !  
       इस समय में सौर किरणों के दुष्प्रभाव से दक्षिण भारत में भूकंप आने की संभावना है जिसकी तीव्रता 6 के आसपास हो सकती है !इस दुष्प्रभाव को कम करने के लिए यदि उचित वैदिक विधान किया जाए तो इसकी तीव्रता घट सकती है संभव है कि इस भूकंप जैसी संभावित आपदा के वेग को  दैवी प्रभाव से और अधिक घटाया भी जा सके ! इसलिए विशेषकर केरलवासी भगवती दुर्गा की आराधना करके इस आपदा को टालने का प्रयत्न करें !

 

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