मौसम पूर्वानुमान :फरवरी - 2019

Category: Forcasting (Weather) Published: Thursday, 31 January 2019 Written by Dr. Shesh Narayan Vajpayee

 वर्षा पूर्वानुमान -

     फरवरी के महीने में वर्षा और बर्फवारी की संभावनाएँ अधिक हैं जिससे सर्दी का बढ़ना भी स्वाभाविक ही है ! फरवरी की 1 तारीख से लेकर 19 तारीख तक वर्षा की संभावनाएँ अच्छी हैं इसमें भी 1 तारीख़ से 10 तारीख़ तक अधिक वर्षा की संभावनाएँ हैं जबकि 20 फरवरी से 28 फरवरी तक समान्यवर्षा होगी !
     4,5 फरवरी को जम्मू कश्मीर हिमाचल उत्तराखंड पंजाब हरियाणा उत्तर प्रदेश आदि में अधिकवर्षा एवं 18,19,20 को अरुणाचल प्रदेश असम मेघालय मिजोरम नागालैंड त्रिपुरा बिहार झारखंड आदि में अच्छी वर्षा होगी!
      3,6,7,8 तारीखों में  कई अलग अलग स्थानों पर वर्षा की संभावनाएँ हैं !1फरवरी से 6 फरवरी तक सभी जगहों पर वर्षा होगी ! इसमें अरुणाचल सिक्किम बिहार उत्तर प्रदेश उत्तराखंड हिमाचल जम्मूकश्मीर आदि में वर्षा होने का अनुमान है ! 14,15,16,17 तारीखों में अरुणाचल असम आदि पूर्वी प्रदेशों में तथा गुजरात महाराष्ट्र राजस्थान मध्यप्रदेश आदि  में बारिस होगी एवं 16,17 तारीखों में कई अन्य जगहों पर भी स्थान बदल बदलकर बारिश होगी ! 20 से 24 तक सामान्य वर्षा होगी !

   वायुप्रवाह -

1 फरवरी से 28 फरवरी तक संपूर्ण समय में ही वायु की गति सामान्य से अधिक रहेगी !उसमें भी 1 फरवरी से 15फरवरी तक हवा का वेग अधिक होगा !1 फरवरी से 6 फरवरी तक कुछ क्षेत्रों में हवा की गति काफी अधिक होगी !25,26,27 को भूरे बादलों का जमघट एवं वायु का प्रवाह विशेष अधिक रहेगा !

      आँधी तूफ़ान -

10 फरवरी से 14 फरवरी तक एवं 24  फरवरी से 27 फरवरी तक आँधी तूफ़ान चक्रवात ,बर्फीला तूफ़ान आदि की संभावना अधिक रहेगी !इसमें भी 24 से 28 तक चक्रवात आदि के साथ साथ भूकंप आदि प्राकृतिक आपदाएँ भी घटित हो सकती हैं !

     वायु प्रदूषण-

   12फरवरी से 16 फरवरी तक एवं 26 फरवरी से 28 फरवरी तक सुदूर आकाश से गिरे हुए वायु प्रदूषण का असर वातावरण में विशेष अधिक देखने को मिलेगा !फरवरी के महीने में वर्षा एवं वायु का वेग अधिक रहने के कारण प्रदूषण का प्रभाव विशेष अधिक भले ही न दिखाई दे फिर भी इस समय में बढ़ेगा !

   तनाव का समय-

  22 फरवरी से लेकर 28 फरवरी तक तनावग्रस्त लोगों का तनाव दिनों दिन बढ़ता चला जाएगा !जिन्हें पहले से कोई तनाव नहीं  है उन्हें भी इस समय तनाव उलझन बेचैनी विवाद आदि का सामना करना पड़ेगा किंतु उसका प्रभाव उन पर विशेह अधिक नहीं पड़ेगा !

 रोगकारक समय -

    4,6,11,13,18,20,25,27तारीखों में पहले से चले आ रहे रोगों के बढ़ने का समय है !

     

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