प्रदूषण का पराली जलाए जाने से कोई संबंध नहीं !-एक रिसर्च

Category: Weather Published: Friday, 19 October 2018 Written by Dr S N Vajpayee

                                वायुप्रदूषण का पूर्वानुमान : अक्टूबर और नवंबर - 2018                   

     प्रदूषण का संबंध पराली जलाने या बाहनों में से धुआँ निकलने से नहीं होता है और न ही कलकारखानों के धुएँ से ही बढ़ता है !प्रदूषण का सीधा संबंध समय के साथ होता है समय जब अच्छा चल रहा होता है तब आसमान साफ होता है और बुरे समय  के प्रभाव से वायु मंडल प्रदूषित हो जाता है तथा जब तक समय खराब बना रहता है तब तक बढ़ता रहता है वायुप्रदूषण !

        वायुप्रदूषण और मौसम के पूर्वानुमानों के लिए आधुनिक विज्ञान के नाम पर केवल झूठ बोला जा रहा है !ऐसी प्राकृतिक घटनाओं का सीधा संबंध 'समय' से है !मैंने महीनों पहले से समय विज्ञान के आधार पर जो पूर्वानुमान लिखे थे वे पूर्वानुमान आज बिल्कुल सही और सटीक घटित हो रहे हैं !इसका सीधा सा मतलब है कि मौसम और वायु प्रदूषण के विषय में जो आधुनिक वैज्ञानिक कुछ जानते ही नहीं हैं उस विषय में समाज को गुमराह करना कतई ठीक नहीं है यदि ऐसा नहीं है तो वायु प्रदूषण वर्षा आँधी तूफान आदि मौसम के किसी भी पक्ष का महीनों पहले मैं पूर्वानुमान देने को तैयार हूँ जो 80 प्रतिशत सही होंगे ही यदि साहस है तो वैज्ञानिक लोग हमारी चुनौती स्वीकार करें और वे भी ऐसा करके दिखावें !यदि आधुनिक वैज्ञानिकों के तथ्यों में सच्चाई नहीं होगी तो वे ऐसा करने से हिचकिचाएँगे !यदि उन पर इतना भारी भरकम धन क्यों  सरकार ? 

     समय कब से कब तक अच्छा रहेगा और कब से कब तक बुरा इसका पूर्वानुमान 'सूर्यसिद्धांत' के द्वारा गणित प्रक्रिया से लगाया जा सकता है !जिस गणित प्रक्रिया के द्वारा आकाश में घटित होने वाले सूर्य और चंद्र के ग्रहणों का सटीक पूर्वानुमान लगा लिया जाता है !वैसे भी क्योंकि पराली जलाने से या बाहनों के धुएँ से यदि वायु प्रदूषण बढ़ता होता तो उसका पूर्वानुमान लगा पाना संभव न हो पाता और ऐसे पूर्वानुमान सही घटित भी नहीं होते !अब आप स्वयं परीक्षण कीजिए -

       इस वर्ष 13 अक्टूबर से प्रारंभ होकर 30 नवंबर तक का समय वायु प्रदूषण के कारण विशेष चिंतनीय रहेगा !इस संपूर्ण समय में ही वायुप्रदूषण की घटनाएँ सारे विश्व में बहुत अधिक घटित होंगी !इस वायु प्रदूषण का निर्माण का कारण सूर्यग्रह पर विद्यमान है जहाँ इनका निर्माण 26 अप्रैल 2018 से 9 जून 2018 तक हुआ था यह प्रदूषण सूर्य किरणों के साथ उतर कर प्रदूषण पृथ्वी के वातावरण को प्रदूषित कर रहा है !
      13अक्टूबर 2018 से 30-11-2018 तक इस वायु प्रदूषण का प्रभाव सम्पूर्ण विश्व पर पड़ेगा !यूनाइटेड किंगडम, स्पेन, जर्मनी, फ्राँस, इटली, मिश्र, तुर्की, मिस्र, ईराक, ईरान, उत्तरी सऊदी अरब ,दक्षिणी अफगानिस्तान,पाकिस्तान,भारत,दक्षिणीनेपाल,बाँगलादेश,दक्षिणीचीन,म्यांमार,लाओस,थाईलैंड,वियत नाम, कम्बोडिया का उत्तरी क्षेत्रऔर फिलीपींस आदि के आकाश में वायु प्रदूषण का प्रभाव अक्टूबर नवम्बर में विशेष अधिक रहेगा !विशेष कर भारत में उत्तरी राजस्थान, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली,उत्तर प्रदेश,बिहार,झारखण्ड,पश्चिमी बंगाल त्रिपुरा,मिजोरम आदि का आकाशीय वातावरण वायु प्रदूषण से बहुत अधिक प्रदूषित रहेगा !इनमें भी जिन देशों प्रदेशों शहरों आदि में प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग धंधे,वाहन आदि होंगे वहाँ इस प्रदूषण का असर विशेष अधिक दिखाई देगा ! इस समय में वायु प्रदूषण की मात्रा बहुत अधिक बढ़ जाएगी !जिसका कारण केवल फैक्ट्रियों या वाहनों से निकला हुआ धुआँ नहीं होगा और न ही फसलों के अवशेष जलाया जाना होगा !आधुनिक वैज्ञानिकों के द्वारा गढ़ी गई ग्लोबलवार्मिंग और क्लाइमेटचेंज जैसी झूठी किस्से कहानियों का भी इससे कोई संबंध नहीं होगा !क्योंकि ये सूर्यकृत वायु प्रदूषण है !
        अक्टूबर में : आँधीतूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं का यह समय  13 अक्टूबर - 2018 से प्रारंभ होकर  30 नवम्बर तक चलेगा ही !जो सारे अक्टूबर के महीने में तो रहेगा नवंबर और आगे भी कुछ महीनों तक पीड़ित  करता रहेगा !अक्टूबर  महीने में हवाओं का वेग विशेष अधिक होगा !इसमें भी 13,14,15,16,17 आदि तारीखों में एवं 21,22, 23,24,25,26, 27, 28,29 इन तारीखों में वायु प्रदूषण की मात्रा भी काफी अधिक बढ़ जाएगी !आकाश धूलि धूसरित दिखेगा !यह समय वायु प्रदूषण की दृष्टि से अत्यंत विकराल होगा !इसमें भी 26,27,28  तारीखों में बड़ी प्राकृतिक आपदाओं का प्रबल भय है!इसमें वायु प्रदूषण की मात्रा विशेष अधिक बढ़ जाएगी जो  31 अक्टूबर तक चलेगी !15 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक अनेकों देशों में वायु और प्रदूषण का वेग विशेष अधिक होगा !
इसी प्रकार से -
       नवम्बर 2018 : नवम्बर के संपूर्ण महीने में आँधीतूफान ,वायु प्रदूषण एवं चक्रवात जैसी प्राकृतिक घटनाएँ बार बार घटित होने के कारण वायुप्रदूषण का स्वरूप अत्यंत डरावना होगा !अक्टूबर की अपेक्षा नवंबर में वायु की तीव्रता काफी अधिक होने के बाद भी वायु प्रदूषण भी काफी अधिक होगा !इसमें भी 6 नवंबर 2018 के बाद प्राकृतिक आपदाओं की विकरालता दिनोंदिन और अधिक बढ़ती चली जाएगी !विशेषकर 9,10,11,12,13,14   नवंबर में भीषण आँधी तूफ़ान ,चक्रवात और बज्रपात जैसी घटनाओं की काफी अधिकता रहेगी !वायुप्रदूषण भी इस समय बहुत बढ़ा रहेगा !इन तारीखों के अलावा नवंबर महीने की ही 20,21,22,23,24 इस समय वायु प्रदूषण की मात्रा विशेष अधिक बढ़ जाएगी !                                                       

 


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