विवाह विज्ञान : वैवाहिक जीवन में आने वाली समस्याओं के पूर्वानुमान !

Category: परिवार विज्ञान (Family Science) Published: Friday, 08 March 2019 Written by Dr. Shesh Narayan Vajpayee

  वैवाहिक जीवन ((Marriage Life)में आने वाली समस्याओं का पूर्वानुमान और उनके समाधान ! 

        विवाह स्त्री पुरुषों के जीवन का बहुत बड़ा  पर्व अर्थात त्यौहार है इसलिए वैवाहिक जीवन प्रसन्नता पूर्वक मनाने में ही इसका आनंद है !बहुत सारा धन खर्च करके, बहुत सारा सामान खरीदकर ,बड़े बड़े होटलों में पार्टी करके भी प्रसन्नता के बिना त्यौहार नहीं मनाया जा सकता !प्रसन्न रहकर तो धन के बिना भी गरीब लोग बड़े उत्साह से त्यौहार मना लेते हैं !
        इसीप्रकार से बहुत धन दौलत खर्च करके बहुत बड़ा दान दहेज़ ले देकर होटलों में बहुत बड़ी बड़ी पार्टियाँ करके लोग विवाह तो कर सकते हैं किंतु जीवन में प्रेम प्रसन्नता  उत्साह  नहीं रह पाया तो वैवाहिक जीवन (marriage life) किस काम का !
     जिस विवाह को इतने उत्साह और प्रसन्नता से किया जाता है उस पर इतना अधिक धन खर्च किया जाता है वो कितने समय तक चल पाएगा !इस बात का पूर्वानुमान भी तो लगाया जाना चाहिए !वर्तमान समय में विवाह संबंधी संकट से बहुत लोग परेशान हैं!

  विवाह करना बड़ी बात नहीं है अपितु विवाह का निर्वाह करना सबसे बड़ी बात है !दो मित्रों के संबंधों की तरह ही बहुतविवाह में भी दोनों पक्षों की ओर से बहुत सारी सावधानियाँ बरतनी पड़ती हैं !
     जिसका जब समय ठीक होता है तब वो अपनी परिस्थितियों से प्रसन्न और संतुष्ट होता है समय न ठीक हो तो सुख सुविधा के साधन कितने भी अच्छे क्यों न बने रहें किंतु व्यक्ति को प्रसन्नता नहीं होती है !
      ऐसी परिस्थिति में पति पत्नी में से जिस किसी का समय जब ख़राब चल रहा होता है उस समय उसे तनाव होता है जिसका कारण उसका अपना समय होता है जबकि उसके लिए वो अपने सबसे अधिक करीबी अर्थात जीवन साथी को जिम्मेदार मानने लगता या लगती है !ऐसी परिस्थिति में जीवन साथी का समय यदि सही चल रहा होता है तो वो अपने ऊपर लगाए गए सारे झूठे आरोप सह जाता है और मानसिक सपोर्ट करते हुए अपने जीवन साथी का बुरा समय सहयोग पूर्वक पार करवा देता है !बुरा समय बीतने के बाद फिर दोनों अपना सामान्य जीवन आनंद पूर्वक व्यतीत करने लगते हैं !
      कई बार पति पत्नी दोनों का ही बुरा समय कुछ अंतर से एक साथ शुरू हो जाता है उसमें एक का तीन वर्ष है और दूसरे का एक वर्ष है ऐसी परिस्थिति में वो जो एक वर्ष का समय है जो कि दोनों का बुरा समय एक साथ आ गया उसमें दोनों ही लोग अपनी समस्याओं के लिए एक दूसरे को जिम्मेदार मानने लगते हैं !ऐसी परिस्थिति में यदि एक दूसरे के प्रति थोड़ी भी गैर जिम्मेदारी असहनशीलता उग्रता आदि दिखाई गई तो संबंध विच्छेद (तलाक)जैसी घटनाएँ घटित होते देर नहीं लगती है !ऐसे बुरे समय को पार करने में दोनों ओर से बड़े धैर्य एवं सूझ बूझ की आवश्यकता होती है !दोनों यदि सहन शीलता पूर्वक ऐसे समय को व्यतीत कर लें तो बाद में फिर दोनों आनंद पूर्वक रहने लगते हैं !प्रेम या संबंधों की परीक्षा बुरे समय में भी होती है !
     ऐसी परिस्थिति पैदा होने पर सबसे बड़ी कठिनाई यह होती है कि उन दोनों को यह पता नहीं होता है कि उनमें से किसका कितने समय के लिए बुरा हैं इसमें उन्हें किस किस प्रकार की सावधानियाँ बरतनी पड़ेंगी !इसके लिए जो लोग हमारे यहाँ संपर्क करके अपने समय का पूर्वानुमान लगाकर उसके अनुसार चल जाते हैं उनका समय शांति पूर्वक बीत जाता है !
     इसी प्रकार से ऐसे दोनों लोगों के नाम के पहले अक्षरों में आपसी तालमेल यदि मधुर हुआ तब तो दोनों एक दूसरे के प्रति हमेंशा मधुर व्यवहार किया करते हैं यदि ये सम या शत्रु हुआ तो ऐसे दोनों लोग आपस आजीवन एक दूसरे से असहमत बने रहते हैं कई बार ये असहमति घृणा और शत्रुता में बदलते देखी जाती है !
     यहाँ सबसे बड़ी कठिनाई इस जगह  होती है कि नाम के कारण होने वाले तनावों या बिगड़ने वाले संबंधों में असावधानी दोनों ओर से बरती जा रही होती है !नाम के अक्षरों के असामंजस्य के कारण दोनों एक दूसरे को गलत समझने की भूल कर रहे होते हैं !जिससे दोनों को तनाव हो रहा होता है दोनों एक दूसरे को कोसा करते हैं कई बार संबंध अधिक भी बिगड़ते देखे जाते हैं !
     इसमें सबसे बड़ी समस्या इस जगह होती है कि उन दोनों को नहीं पता होता है कि दोनों के नाम के पहले अक्षरों के न मिलने के कारण ये तनाव बढ़ता जा रहा है !ऐसे लोग यदि हमारे यहाँ संपर्क करते हैं तो उन्हें जिस जिस प्रकार की परिस्थितियाँ पैदा हो सकती हैं उसका पूर्वानुमान करके पहले ही बता दिया जाता है इसके साथ साथ उन्हें किस किस प्रकार की सावधानियाँ वर्तनी चाहिए उसके लिए भी सावधान कर दिया जाता है !
       कई बार ऐसे विवाहित लोग जिस घर में रह रहे होते हैं दोष उस स्थान में ही होता है इसीलिए और सब जगह तो प्रसन्न रह लेते हैं किंतु अपने घर में पहुँचते ही दोनों का तनाव बढ़ने लगता है जिसका कारण वे एक दूसरे को समझने लगते हैं !ऐसी परिस्थिति से ग्रस्त लोगों को स्थान संबंधी दोष पता नहीं होते हैं !
       इसलिए ऐसे लोग हमारे यहाँ संपर्क करके अपने घर के सुख शान्ति के विषय में पूर्वानुमान लगा सकते हैं और समय नाम स्थान आदि के दोषों के निराकरण के विषय में आवश्यक सुझाव प्राप्त कर सकते हैं !


Hits: 118